मेरठ

करवा चौथ विशेष: अर्द्धांगिनी बनीं जीवनदायिनी, मेरठ की 4 पत्नियों ने किडनी-लिवर देकर बचाई पतियों की जान

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By admin On October 29, 2026
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आज जहां कुछ घटनाओं के कारण वैवाहिक रिश्तों की पवित्रता डगमगाई है, वहीं मेरठ से त्याग और अटूट प्रेम की ऐसी अद्भुत मिसालें सामने आई हैं जो दांपत्य जीवन के गौरव को बढ़ाती हैं। एक तरफ जहां मुस्कान और रविता जैसी चंद महिलाओं ने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर पतियों की बेरहमी से हत्या कर दी और अदालत से फांसी की सजा पा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ मेरठ में ऐसी समर्पित और साहसी पत्नियों की कोई कमी नहीं है जो हर कदम पर अपने जीवनसाथी का संबल बनी हुई हैं।

करवाचौथ पर जहां महिलाएं पतियों की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, वहीं मेरठ की इन महिलाओं ने केवल व्रत तक खुद को सीमित नहीं रखा। जब उनके सुहाग की जिंदगी पर बन आई, तब इन जीवनसंगिनियों ने अपनी परवाह किए बिना अपनी किडनी और लिवर दान कर दिया। उन्होंने अपने अंगों से पतियों को मौत के मुंह से खींचकर नया जीवनदान दिया है।

Karwa Chauth Special: Four Meerut Wives Donate Kidneys and Liver Portions to Save Their Husbands

सचिन पत्नी के साथ


तंगहाली में भी नहीं हारी हिम्मत, कर्ज लेकर सीमा ने किडनी देकर बचाई सुहाग की जान

भगवतपुरा के रहने वाले सचिन राठी (47) को उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) की समस्या थी, जिसके चलते उनके दोनों गुर्दे खराब हो गए। डॉक्टर ने सलाह दी कि अब गुर्दा प्रत्यारोपण से ही जिंदगी बच सकती है। सचिन बताते हैं कि वह एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे, लेकिन बीमारी की वजह से वह भी छोड़नी पड़ी।

प्रत्यारोपण के लिए पैसे भी नहीं थे और उनका हौसला पूरी तरह टूट रहा था। तब उनकी पत्नी सीमा राठी (46) ने उन्हें ढांढस बंधाया और उनकी हिम्मत बढ़ाई। उन्होंने प्रत्यारोपण के लिए कर्ज लिया और साल 2023 में खुद अपना गुर्दा देकर पति की जान बचाई। अब यह दंपति अपना जीवनयापन करने के लिए एक डिपार्टमेंटल स्टोर चलाता है। इनकी 12 साल की एक बेटी है। सीमा का कहना है कि उनके लिए उनके पति ही परमेश्वर हैं। इनकी शादी को 21 साल हो चुके हैं।

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विकास पत्नी शिप्रा के साथ


मुश्किल वक्त में आगे आईं शिप्रा, किडनी देकर पति को मौत के मुंह से निकाला

गंगानगर में रहने वाले विकास (42) के भी उच्च रक्तचाप की वजह से दोनों गुर्दे खराब हो गए थे। जिंदगी बचाने के लिए प्रत्यारोपण के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था, जिससे पूरा परिवार बेहद परेशान था। ऐसे मुश्किल वक्त में गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए उनकी पत्नी शिप्रा (38) आगे आईं।

साल 2021 में उन्होंने अपना गुर्दा देकर विकास को मौत के मुंह से बाहर निकाला। विकास और शिप्रा का मानना है कि अगर आपसी प्यार और समर्पण हो तो पति-पत्नी का रिश्ता दुनिया में सबसे मजबूत रिश्ता बन जाता है। इन दोनों की शादी को 17 साल हो चुके हैं और इनके एक बेटी व एक बेटा है। वर्तमान में विकास एक निजी कंपनी में जॉब करते हैं, जबकि शिप्रा घरेलू महिला हैं और बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती हैं।

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राजेश व उनकी पत्नी


अलग ब्लड ग्रुप होने पर भी पुष्पा ने पति को दी किडनी

राजेश शर्मा (50) पेशे से किसान हैं। कई साल पहले उनके गुर्दे खराब हो गए थे। डॉक्टर की सलाह पर वे गुर्दा प्रत्यारोपित कराना चाह रहे थे मगर लंबे समय तक कहीं से गुर्दा नहीं मिला। पत्नी पुष्पा (48) और राजेश का ब्लड ग्रुप अलग-अलग होने के कारण वह सामान्य तौर पर गुर्दा नहीं दे सकती थीं। लेकिन जब बात पति की जिंदगी पर आ बनी, तो पुष्पा ने डॉक्टरों से सलाह की और अतिरिक्त खर्चा उठाकर बिना ब्लड ग्रुप मिले ही नई तकनीक के जरिए साल 2025 में अपना गुर्दा देकर पति का सफल प्रत्यारोपण कराया।

हालांकि, राजेश ने पुष्पा को इस जोखिम के लिए मना भी किया था, लेकिन वह नहीं मानीं। इनकी शादी को 24 साल हो चुके हैं और इनके तीन बेटे हैं। इस दंपति का कहना है कि और किसी का तो उन्हें नहीं पता, लेकिन उनका रिश्ता जन्म-जन्मांतर का है।

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विकास गोयल परिवार के साथ


अपने जिगर का टुकड़ा देकर अंजली ने बचाई सुहाग की सांसें

स्वामीपाड़ा के रहने वाले विकास गोयल उर्फ सोनू (35) रेवड़ी की दुकान चलाते हैं। पिछले कई वर्ष से उनका लिवर खराब चल रहा था। डॉक्टरों ने जब लिवर ट्रांसप्लांट की अनिवार्य सलाह दी, तो पूरा परिवार संकट में आ गया। ऐसे मुश्किल समय में उनकी पत्नी अंजली गोयल (32) ने अपने सुहाग की जिंदगी बचाने के लिए अपने लिवर का हिस्सा (जिगर का टुकड़ा) दान करने का साहसिक फैसला लिया।

इसी साल सितंबर में उनका लिवर सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया है, जिससे विकास को नई जिंदगी मिली। इस दंपती की शादी को 10 साल हो चुके हैं और इनका एक बेटा व एक बेटी है। नई जिंदगी मिलने के बाद विकास भावुक होकर कहते हैं कि सच में पत्नी ही सुख-दुख की असली जीवनसाथी होती है। वहीं, अंजली का मानना है कि दांपत्य जीवन में एक महिला के लिए पति से बढ़कर कुछ भी नहीं है।

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