मुरादाबाद

सामाजिक समरसता के लिए त्याग और समर्पण जरूरी : स्वामी कैलाशानंद गिरि

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By admin On October 28, 2026
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मुरादाबाद। व्यक्ति से बड़ा राष्ट्र और व्यक्तिगत हित से महत्वपूर्ण राष्ट्रधर्म एवं कर्तव्य है। समाज और सनातन परंपराओं की सेवा के लिए त्याग, समर्पण और सकारात्मक सोच जरूरी है। प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। यह बातें निरंजन पीठाधीश्वर व महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने बुधवार को बुद्धि विहार स्थित विशाल ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में कहीं।

वह ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज की पुण्यस्मृति पर ब्लॉसम इंडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी में सामाजिक समरसता में गोरक्षपीठ की भूमिका पर चर्चा की गई। अपने संबोधन में स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि उन्होंने अपना जीवन महादेव और मां काली की सेवा के लिए समर्पित किया है। सनातन परंपरा में पूजा-पाठ और अनुष्ठानों का विशेष महत्व है। अपने हालिया धार्मिक अनुष्ठान का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आयोजन 16 दिन तक चला। इसमें सात दिन तक हवन हुआ और पूर्ण होने वाले दिन करीब 12 घंटे तक आहुतियां दी गईं।

उन्होंने गोरक्षपीठ की परंपरा, गुरु-शिष्य संबंध और धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि गंगा-यमुना जैसी नदियों को स्वच्छ रखने के साथ ही मठ-मंदिरों की पवित्रता बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सादगी और सेवाभाव का उल्लेख किया। साथ ही राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया। संगोष्ठी के आयोजक शशि प्रकाश सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रयागराज महाकुंभ से शुरू हुआ यह अभियान अब 11वें जिले तक पहुंच चुका है। उन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए निरंतर प्रयास करने पर जोर दिया।

संगोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने समाज को एकजुट करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एकता का भाव केवल नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार में भी अपनाना होगा। उन्होंने भगिनी निवेदिता के योगदान और भारतीय परंपराओं में सामाजिक समरसता के संदेश का उल्लेख किया। इस दौरान पद्मश्री एवं पीतलनगरी के शिल्प गुरु चिरंजी लाल यादव के हस्तशिल्प क्षेत्र में योगदान की भी सराहना की गई।

इससे पूर्व संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, नगर विधायक रितेश गुप्ता और आरआरएस के क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने दीप जलाकर कर किया। समापन पर नगर विधायक ने मंचासीन अतिथियों, आयोजकों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार जताया।

 

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