लखनऊ

गिलियन-बैरे सिंड्रोम से पीड़ित बच्चे का सफल उपचार

admin
By admin On October 29, 2026
1 min read • 8 views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now

यह एक दुर्लभ ऑटोइम्यून न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। इसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) गलती से अपनी ही परिधीय तंत्रिकाओं (peripheral nerves) पर हमला कर देती है। यह अक्सर किसी सामान्य वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के बाद शुरू होता है।

सफल उपचार के मुख्य तरीके

  • इम्यूनोग्लोबुलिन थेरेपी (IVIg): स्वस्थ दाताओं से प्राप्त एंटीबॉडीज को नस (IV) के जरिए दिया जाता है, जो नुकसान पहुंचाने वाले एंटीबॉडीज को रोकती हैं। बच्चों में यह सबसे प्रभावी मानी जाती है।

  • प्लाज्मा एक्सचेंज (Plasmapheresis): मशीन के जरिए खून से खराब प्लाज्मा (जिसमें बीमारी बढ़ाने वाले तत्व होते हैं) को निकालकर साफ खून वापस डाला जाता है।

  • गहन फिजियोथेरेपी (Rehabilitation): बीमारी के प्रभाव को कम करने के बाद मांसपेशियों की ताकत वापस लाने के लिए फिजियोथेरेपी सबसे महत्वपूर्ण कदम है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *