यह एक दुर्लभ ऑटोइम्यून न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। इसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) गलती से अपनी ही परिधीय तंत्रिकाओं (peripheral nerves) पर हमला कर देती है। यह अक्सर किसी सामान्य वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के बाद शुरू होता है।
सफल उपचार के मुख्य तरीके
- इम्यूनोग्लोबुलिन थेरेपी (IVIg): स्वस्थ दाताओं से प्राप्त एंटीबॉडीज को नस (IV) के जरिए दिया जाता है, जो नुकसान पहुंचाने वाले एंटीबॉडीज को रोकती हैं। बच्चों में यह सबसे प्रभावी मानी जाती है।
- प्लाज्मा एक्सचेंज (Plasmapheresis): मशीन के जरिए खून से खराब प्लाज्मा (जिसमें बीमारी बढ़ाने वाले तत्व होते हैं) को निकालकर साफ खून वापस डाला जाता है।
- गहन फिजियोथेरेपी (Rehabilitation): बीमारी के प्रभाव को कम करने के बाद मांसपेशियों की ताकत वापस लाने के लिए फिजियोथेरेपी सबसे महत्वपूर्ण कदम है
